Sunday, March 21, 2021
अधूरा
Monday, March 1, 2021
उलझन
Monday, February 15, 2021
मोहब्बत ही तो है
Sunday, February 7, 2021
पहला प्यार
पहली बार मिला जो तुमसे ,
पहली मोहब्बत कर बैठा ,
पहली निगाहों के मिलते ही ,
दिल तुझको दे बैठा ।
लगा था वक्त बहुत बेशक मुझे ,
पर आज भी वो मुलाकात याद है ,
अनगिनत पूछे सवालों के,
रखे जवाब आज भी साथ है ।
वो नन्हा सा दिल जब से धड़का था ,
तुझे मैं हर पल देखता रहता था ,
ना थी वो उम्र दिल लगाने की ,
ना ही तुझमें डूब जाने की ।
पर डूबता गया मैं ,
गुजरते वक्त के साथ ,
कभी भरी मांग मैंने ,
कभी मांगा तेरा हाथ ।
यकीनन हां के इंतज़ार में ,
वक्त गुजरता चला गया ,
मुरझाते फूल को बगिया में ,
मानो जैसे माली छोड़ गया ।
तुम हो गई किसी और की ,
और हम भी कहीं और दिल लगा बैठे ,
पहली ही हो आख़िरी मोहब्बत ,
ये सच हम दोनों झूठला बैठें ।।
Monday, February 1, 2021
मजबूर
Sunday, January 10, 2021
चेहरा
बहुत से अनगिनत सवाल लिए ,
खुद को खुशियां से सवार रही ,
जुल्फे भी है सुझली सुलझी ,
और बहते काजल की धार नहीं ।
आंखों में है कुछ नमी जरूर ,
और पलकों पर बिखरे काजल ,
संभाले जज्बातों को अपने ,
मुस्कुरा रही वो पागल ।
कल की खुशियां आज नहीं ,
आज की खुशियों का कोई कल नहीं ,
और उलझी जिन राहों में वो ,
उन राहों में मंजिल नहीं ।
खुल के हंसना भूल गई जो,
रोना जिसको याद नहीं ,
लम्हों की मोहताज है जो ,
पल भर भी कोई साथ नहीं ।
अनगिनत जज्बातों के ,
लाखों सजाए वादों के ,
कब तक यूंही चलता जायेगा ,
एक रोज़ तो चहरे से नकाब हट जायेगा ।
बेहतर है कल से ना मांगो कुछ ,
ना कल के लिए कुछ सजाओ ,
है बिखरा जरूर कल या था ,
आज , अभी तो मुस्कुराओ ।
तस्वीरों से बया होती कहानियां ,
अब समझ आने लगी है ,
चहरे पे छिपे जज्बात ,
बया कर जाने लगी हैं ।।
Friday, January 8, 2021
तुम
पहली दफा मिले भी तो ,
हम मिले कैसे ,
अजनबी के महज एक स्पर्श से ,
हम उसके हुए कैसे ?
सफर का सफल होना जरूरी नहीं होता ,
गर साथ लिखा ही कुछ पल का होता ,
होता है साथ तो बस लम्हें और याद ,
और कुछ अधूरे अल्फ़ाज़ ।
तेरा यूं अक्सर नजरों से छेड़ना मुझे ,
बेवजह अरमानों को तोड़ना मेरे ,
डर कर थामना तेरा हाथ ,
और वो आख़िरी मुलाकात ।
था बहुत कुछ जो तेरा हो गया ,
जाने पर बहुत अधूरा रह गया ,
पर साथ जो आज भी है मेरे ,
वो होकर भी तेरा मेरा हो गया ।
अब रास्ते बदल गए ,
वास्ते बदल गए ,
हम भी बदल गए ,
और तुम भी बदल गए ।
बस जो नहीं बदला ,
वो है तुम्हारा गहना ,
तुम्हारी आंखो से नहीं ,
कोई और खूबसूरत गहना ।।
Sunday, January 3, 2021
बेवफ़ा
Friday, December 25, 2020
मौत
Saturday, December 19, 2020
छुईमुई दिल
Monday, December 7, 2020
दिल नहीं करता
Wednesday, November 11, 2020
अजनबी
Saturday, October 31, 2020
फ़िक्र
कभी दूर हो कर भी साथ होते थे ,
हाथो में थामे हर पल हाथ होते थे ,
होती थी लम्बी लम्बी बाते ,
छोटे छोटे ख्वाब होते थे।
निगाहे तो मिलती थी नहीं ,
अलफ़ाज़ भी लिख कर जाते थे ,
लिखी दास्तने दिल की बातो को ,
अपने लबों से वो पढ़ पाते थे।
दौर बदला बदली मोहब्बत ,
साथ होना पास होना और बाबू सोना ,
वक़्त के साथ इश्क़ और उसकी वजह ,
दोनों बदल जाते है ,
इस झूठे सच को ,
छोड़ हमें सब मान जाते है।
बुनते नहीं कोई ख्वाब अब ,
और ना ही इश्क़ में फ़ना हो पाते है ,
सच्चा समझ आज के इश्क़ को ,
कुछ वक़्त के बाद खुद उसे झुट्लाते है।
फ़िक्र होती मुझे उस रांझे की ,
जिसकी हीर कही खो गई ,
बदलते दौर में बदली नहीं मोहब्बत ,
बस उसकी मोहब्बत किसी और की हो गई।